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Monday, July 27, 2026

News Desk / News Delhi /July 27, 2026

20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर नया खुलासा सामने आया है। The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, कुल सात राउंड पेलेट गन फायर किए गए, जिनमें से पांच पेलेट प्रदर्शनकारियों को लगीं, जबकि दो जमीन पर गिरीं। रिपोर्ट के मुताबिक, CRPF ने पेलेट गन चलाने वाले RAF (Rapid Action Force) के जवान की पहचान कर ली है और मामले की जांच की जाएगी।

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देश / 20 जुलाई छात्र प्रदर्शन में 7 राउंड पेलेट गन फायरिंग की पुष्टि, जवान की पहचान; CRPF करेगी जांच: रिपोर्ट

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कैनॉट प्लेस क्षेत्र में तैनात RAF के एक जवान ने सात राउंड पेलेट गन चलाई थी। सूत्रों का दावा है कि जब प्रदर्शनकारियों की ओर से सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू हुआ, तब पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया।

तीन लोगों ने पेलेट गन लगने का दावा किया


रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के बाद तीन लोगों ने दावा किया कि उन्हें पेलेट गन लगी। इनमें 25 वर्षीय इरशाद शेख, दिल्ली विश्वविद्यालय के 19 वर्षीय छात्र साहिल लोछब तथा 28 वर्षीय एक पत्रकार शामिल हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों के शरीर पर छोटे-छोटे घावों की तस्वीरें भी सामने आई हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ मेडिकल रिपोर्टों में पेलेट चोटों का उल्लेख किया गया है।

CRPF डीजी बोले- पेशेवर तरीके से होगी समीक्षा


CRPF के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अब जबकि प्रदर्शन समाप्त हो चुका है और लोग वापस जा चुके हैं, बल पूरे घटनाक्रम की पेशेवर तरीके से समीक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि हर बड़े ऑपरेशन के बाद इस प्रकार की समीक्षा की जाती है और उसके आधार पर बल का आधिकारिक पक्ष सामने रखा जाएगा।

समीक्षा बैठक में उठे क्राउड कंट्रोल पर सवाल


The Indian Express के अनुसार, RAF की इंस्पेक्टर जनरल सीमा डुंडिया ने माना कि भीड़ नियंत्रण उसी तरीके से नहीं किया गया, जैसा प्रशिक्षण के दौरान सिखाया जाता है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि 22 जुलाई को आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदर्शन के दौरान तैनात RAF कर्मियों की भूमिका और प्रदर्शन की समीक्षा की गई।

बैठक में अधिकारियों को भविष्य के लिए कई सुधारात्मक सुझाव दिए गए। उन्हें निर्देश दिया गया कि बल का प्रयोग केवल आवश्यकता पड़ने पर, निष्पक्षता, संतुलन और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। साथ ही, बल प्रयोग से पहले उचित चेतावनी देने तथा परिस्थितियों के अनुसार पहले लाठीचार्ज, आंसू गैस या अन्य अपेक्षाकृत सुरक्षित भीड़ नियंत्रण उपाय अपनाने पर जोर दिया गया।

क्या होती है पेलेट गन?


पेलेट गन एक ऐसी बंदूक होती है जिससे लेड (सीसा) या स्टील के छोटे-छोटे छर्रे तेज गति से दागे जाते हैं। इसे सामान्यतः कम घातक (Less Lethal) हथियार माना जाता है और इसका उपयोग भीड़ नियंत्रण या दंगा नियंत्रण के दौरान किया जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार यदि इसे नजदीक से चलाया जाए तो इससे गंभीर चोटें, विशेषकर आंखों को स्थायी नुकसान, हो सकता है।

राहुल गांधी ने गृह मंत्री से पूछे सवाल


25 जुलाई को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले पर कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि छात्रों पर पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया था। उन्होंने यह भी सवाल किया कि सादे कपड़ों में प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या अन्य व्यक्ति, तथा उनकी तैनाती किसके निर्देश पर हुई थी। राहुल गांधी ने अपने पत्र में दावा किया कि वे एक ऐसे पीड़ित से मिले, जिसकी आंख पेलेट लगने से गंभीर रूप से प्रभावित हुई।

जांच जारी


The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, पेलेट गन चलाने वाले RAF जवान की पहचान कर ली गई है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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