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Thursday, April 3, 2025

24JT News Desk / New Delhi /March 28, 2025

नई दिल्ली, 28 मार्च 2025: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर अपने बयान से सुर्खियां बटोरी हैं। टाइम्स नाउ समिट 2025 में बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग मुगल शासक औरंगजेब को मानते हैं, उन्हें अपने घर में उसकी कब्र बना लेनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं है। यह बयान सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में चर्चा का विषय बन गया है।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री | Photo source : Social Media
धर्म / 'औरंगजेब को मानने वाले अपने घर में बना लें कब्र...', बाबा बागेश्वर बोले- हम धर्म विशेष को नहीं करते टारगेट

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा, "जो औरंगजेब को मानते हैं, वे अपने घर में उसकी कब्र बना लें। हम हनुमान जी को मानते हैं, इसलिए उन्हें बागेश्वर धाम में रखते हैं। हम किसी धर्म विशेष को टारगेट नहीं करते। अगर ऐसा होता तो हम एपीजे अब्दुल कलाम को स्वीकार न करते। रहीम और रसखान के गीत भी हमारे यहां गाए जाते हैं। हमारा निशाना उन लोगों पर है जिन्होंने देश को तोड़ा।" उनका यह बयान औरंगजेब की ऐतिहासिक छवि और वर्तमान में उसके आसपास चल रही बहस को लेकर आया है।
शास्त्री ने आगे कहा कि उनका लक्ष्य देश को एकजुट करना और भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में काम करना है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और गुरुकुल परंपरा को मजबूत करने की बात कही। "जिस दिन भारत का हर नागरिक गुरु बन जाएगा, उसी दिन भारत विश्व गुरु बन जाएगा। स्वर्णिम काल की ओर बढ़ने के लिए हिंदुत्व और रामचरितमानस की व्यवस्था जरूरी है," उन्होंने जोड़ा।

यह बयान उस समय आया है जब हाल के दिनों में औरंगजेब को लेकर देश भर में बहस छिड़ी हुई है। महाराष्ट्र में उनकी कब्र को हटाने की मांग उठ रही है, और कई संगठन इसे लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। शास्त्री का यह बयान इस विवाद को और हवा दे सकता है। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में यह साफ करने की कोशिश की कि उनका उद्देश्य धार्मिक भेदभाव फैलाना नहीं, बल्कि देश विरोधी ताकतों पर निशाना साधना है।
इस समिट में केंद्रीय मंत्रियों और अन्य प्रमुख हस्तियों ने भी हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और स्मृति ईरानी जैसे नेताओं ने भी अपने विचार रखे, लेकिन शास्त्री का यह बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों ने इसे देशभक्ति से जोड़ा, जबकि कुछ लोगों ने इसे विवादास्पद करार दिया।

औरंगजेब का ऐतिहासिक संदर्भ हमेशा से विवादों में रहा है। कुछ लोग उन्हें एक कट्टर शासक मानते हैं, जिसने धार्मिक आधार पर भेदभाव किया, वहीं कुछ इतिहासकार उनके शासन को उस समय के राजनीतिक संदर्भ में देखने की वकालत करते हैं। शास्त्री का यह बयान इस बहस को नया आयाम दे सकता है।

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