प्रधानमंत्री मोदी ने इस बैठक में जापानी व्यवसायों की भारत में विस्तार योजनाओं और 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' पहल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए आर्थिक सहयोग को गहरा करना जरूरी है। पीएम ने कौशल विकास में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों का एक प्रमुख आधार है।
तात्सुओ यासुनागा ने पीएम मोदी को जापान-भारत व्यापार सहयोग समिति की 48वीं संयुक्त बैठक के बारे में जानकारी दी, जो 6 मार्च 2025 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली है। इस बैठक में भारत में उच्च गुणवत्ता और कम लागत वाले विनिर्माण, वैश्विक बाजारों के लिए उत्पादन का विस्तार (खासकर अफ्रीका पर ध्यान देते हुए), और मानव संसाधन विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। जापानी प्रतिनिधिमंडल ने भारत में निवेश के अवसरों और दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने की संभावनाओं पर भी अपने विचार साझा किए।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर भारत में जापानी निवेश को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई 'जापान प्लस' प्रणाली का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत का शासन नीति-संचालित है और सरकार पारदर्शी वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि निवेशकों को कोई अस्पष्टता न हो। पीएम ने यह भी बताया कि भारत हरित ऊर्जा और जैव ईंधन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र को लाभ होगा। साथ ही, उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला और जापानी कंपनियों को इस क्षेत्र में साझेदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
जापानी प्रतिनिधिमंडल ने भारत में बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी, और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश की योजनाओं को साझा किया। एनईसी कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष तनाका शिगेहिरो ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी उद्योग के लिए भारत में निवेश के अपने विजन को बहुत स्पष्ट रूप से समझाया।" बैठक में 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जापानी व्यवसायों के समर्थन पर भी जोर दिया गया।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब जापान भारत में 2000 से 2024 के बीच 43 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर चुका है और भारत के लिए पूंजी निवेश का पांचवां सबसे बड़ा स्रोत बन गया है। दोनों देशों ने 2022-27 के लिए 5 ट्रिलियन जापानी येन (लगभग 35 अरब डॉलर) के निवेश लक्ष्य पर भी प्रगति की समीक्षा की।
सोशल मीडिया पर पीएम मोदी ने इस मुलाकात को लेकर खुशी जताई और लिखा, "तात्सुओ यासुनागा के नेतृत्व में जापानी व्यापार प्रतिनिधिमंडल से मिलकर प्रसन्नता हुई। भारत में उनकी विस्तार योजनाओं और 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' के प्रति प्रतिबद्धता से उत्साहित हूं। जापान के साथ आर्थिक सहयोग को और गहरा करने की उम्मीद है।"