गोयल का पूरा बयान:
पीयूष गोयल ने कहा, "राहुल गांधी सदन के अंदर हास्यास्पद चीजें करते हैं, यह हम सभी ने देखा-सुना है। राहुल हमारे सबसे अच्छे कैंपेनर हैं। वह जितना बोलें, उनका स्वागत है। हम तो चाहते हैं कि वह सदन के अंदर, सदन के बाहर और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में जाकर बोलें। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि उनके इस तरह के बयानों और व्यवहार से देश को बहुत नुकसान होता है।" गोयल का यह बयान राहुल गांधी के हालिया बयानों और संसद में उनके व्यवहार पर एक तीखी प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
बयान का संदर्भ:
हाल ही में संसद के बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला था, जिसमें बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याएं शामिल थीं। इस दौरान उनके कुछ बयानों और व्यवहार को सत्तारूढ़ दल ने 'अनुचित' करार दिया था। इसके अलावा, राहुल गांधी ने पिछले दिनों विदेशी मंचों पर भी भारत की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर टिप्पणियां की थीं, जिसे BJP ने 'देश की छवि खराब करने' का प्रयास बताया था। गोयल का यह बयान इसी संदर्भ में आया है, जिसमें उन्होंने राहुल के बयानों को BJP के लिए फायदेमंद बताते हुए उनकी आलोचना की।
BJP की रणनीति और राहुल पर निशाना:
गोयल का यह बयान BJP की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह राहुल गांधी को विपक्ष के कमजोर कड़ी के तौर पर पेश करती है। BJP नेताओं का मानना है कि राहुल के बयान और व्यवहार से कांग्रेस की विश्वसनीयता कम होती है, जिसका फायदा सत्तारूढ़ दल को मिलता है। गोयल ने यह भी संकेत दिया कि राहुल जितना बोलते हैं, उतना ही BJP को चुनावी लाभ मिलता है। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए राहुल की विदेशी मंचों पर की गई टिप्पणियों पर भी निशाना साधा।
कांग्रेस का जवाब:
कांग्रेस ने गोयल के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा, "BJP के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं। राहुल गांधी देश के असल मुद्दों को उठाते हैं, जो सरकार को परेशान करते हैं। गोयल का यह बयान उनकी हताशा दिखाता है।" कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी जनता के बीच लोकप्रिय हैं और उनके बयान सरकार की नाकामियों को उजागर करते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय:
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से BJP और कांग्रेस के बीच बढ़ती तल्खी का हिस्सा है। एक वरिष्ठ विश्लेषक ने कहा, "BJP राहुल गांधी को निशाना बनाकर यह संदेश देना चाहती है कि विपक्ष के पास कोई ठोस नेतृत्व नहीं है। वहीं, कांग्रेस राहुल को एक मजबूत विपक्षी चेहरा बनाने की कोशिश में है। यह दोनों दलों की रणनीति का हिस्सा है।"
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं:
गोयल के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी हलचल मच गई। BJP समर्थकों ने इसे 'सटीक हमला' करार दिया, जबकि कांग्रेस समर्थकों ने इसे 'बौखलाहट' बताया। ट्विटर पर #PiyushGoyal और #RahulGandhi ट्रेंड करने लगे, जहां दोनों पक्षों के समर्थकों ने अपने-अपने तर्क रखे।
यह बयान आने वाले दिनों में संसद के अंदर और बाहर राजनीतिक बहस को और गर्म कर सकता है। BJP जहां राहुल गांधी को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे सरकार के खिलाफ जनता को एकजुट करने के मौके के तौर पर देख रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राहुल गांधी इस बयान का जवाब संसद के अगले सत्र में या किसी जनसभा में दे सकते हैं।