कार्यक्रम में मंजूनाथ भारती स्वामी जी, संभाजी भिड़े गुरु जी, कर्नाटक सरकार के मंत्री श्री संतोष लाड़ एवं श्री सतीश जारकिहोली, कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री लक्ष्मण सवादी, कोल्हापुर सांसद श्रीमंत शाहू छत्रपति महाराज, कर्नाटक सरकार के पूर्व मंत्री श्रीमंत बी. पाटिल तथा श्री पी.जी.आर. सिंधे सहित अनेक गणमान्य नेता एवं जनप्रतिनिधि मंचासीन रहे।
हिंदवी स्वराज के शिल्पकार थे शिवाजी महाराज
केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने अपने संबोधन में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और संघर्षों को स्मरण करते हुए कहा कि मात्र 15 वर्ष की आयु में हिंदवी स्वराज का संकल्प लेने वाले शिवाजी महाराज ने अद्वितीय साहस, कुशल रणनीति और दूरदृष्टि के बल पर आक्रांताओं को पराजित कर भारत के स्वाभिमान की रक्षा की। उन्होंने कहा कि बेलगावी और अथानी की धरती शिवाजी महाराज के पराक्रम की साक्षी रही है। दक्षिण भारत में उनके अभियानों के दौरान यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था, जिससे दक्कन, कोंकण और गोवा मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
श्री सिंधिया ने कहा कि आज इसी ऐतिहासिक भूमि पर शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण होना इतिहास, परंपरा और वर्तमान को जोड़ने वाला एक गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि बेलगावी की धरती पर आज शौर्य, स्वाभिमान और असीम साहस की अमर गाथा सजीव हो उठी है।
आधुनिक भारत के लिए भी प्रासंगिक है शिवाजी महाराज की प्रेरणा
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जब भारत आत्मगौरव और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के पथ पर आगे बढ़ रहा है, तब छत्रपति शिवाजी महाराज का चरित्र और विचारधारा और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रधर्म की जो चेतना देश में विकसित हो रही है, उसकी जड़ें शिवाजी महाराज की उसी प्रेरणादायी सोच में निहित हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती रहेगी कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है, साहस कभी थमता नहीं और स्वराज की भावना कभी पुरानी नहीं होती।
गौरतलब है कि केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इन दिनों महाराष्ट्र-कर्नाटक के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इससे पूर्व शनिवार को उन्होंने कोल्हापुर में बॉम्बे जिमखाना के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर स्मारक डाक टिकट का विमोचन किया और ग्रामीण डाक सम्मेलन में भाग लेकर ग्रामीण डाक सेवकों से संवाद किया। इसके पश्चात रविवार को वे बेलगावी में आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा अनावरण समारोह में शामिल हुए।