क्या मानवता ने पहली स्व-पुनरुत्पादन करने वाली कृत्रिम कोशिका बना ली है?
विज्ञान की सबसे बड़ी छलांग या भविष्य की झलक !
कल्पना कीजिए एक ऐसी दुनिया की, जहाँ जीवन केवल प्रकृति से नहीं आता, बल्कि प्रयोगशालाओं में “बनाया” जाता है। एक छोटी-सी कोशिका, जो पूरी तरह निर्जीव रसायनों से बनी है, लेकिन वह: भोजन “खाती” है, बढ़ती है, अपने DNA की नकल बनाती है और अंत में खुद को दो नई कोशिकाओं में विभाजित कर देती है। आइए जानते हैं, संजय सक्सेना, वरिष्ठ विश्लेषक और विचारक, के इस लेख के माध्यम से।