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Thursday, July 16, 2026

विज्ञान

विज्ञान / July 13, 2026
क्या प्रयोगशाला में बन रहा है जीवन? - संजय सक्सैना वरिष्ठ विश्लेषक एवं विचारक

क्या मानवता ने पहली स्व-पुनरुत्पादन करने वाली कृत्रिम कोशिका बना ली है?

विज्ञान की सबसे बड़ी छलांग या भविष्य की झलक !

कल्पना कीजिए एक ऐसी दुनिया की, जहाँ जीवन केवल प्रकृति से नहीं आता, बल्कि प्रयोगशालाओं में “बनाया” जाता है। एक छोटी-सी कोशिका, जो पूरी तरह निर्जीव रसायनों से बनी है, लेकिन वह: भोजन “खाती” है, बढ़ती है, अपने DNA की नकल बनाती है और अंत में खुद को दो नई कोशिकाओं में विभाजित कर देती है। आइए जानते हैं, संजय सक्सेना, वरिष्ठ विश्लेषक और विचारक, के इस लेख के माध्यम से।

विज्ञान / June 30, 2026
अब नहीं तपेंगी दीवारें! _वैज्ञानिकों ने बनाया रंग-बिरंगा स्मार्ट कूलिंग पेंट, जो बिना बिजली घर को 9°C तक ठंडा रख सकता है - संजय सक्सैना

गर्मियों में घर की छत और बाहरी दीवारें किसी तवे की तरह तपने लगती हैं। दोपहर की तेज धूप में कंक्रीट और ईंटें इतनी गर्म हो जाती हैं कि शाम ढलने के बाद भी लंबे समय तक गर्मी छोड़ती रहती हैं। नतीजा—एयर कंडीशनर ज्यादा देर तक चलाना पड़ता है, बिजली का बिल बढ़ता है और शहरों का तापमान लगातार ऊपर जाता है। दुनिया भर के वैज्ञानिक वर्षों से ऐसी तकनीक विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं जो बिना बिजली खर्च किए इमारतों को ठंडा रख सके। आइए जानते हैं, संजय सक्सेना, वरिष्ठ विश्लेषक और विचारक, के इस लेख के माध्यम से।

विज्ञान / May 20, 2026
क्या अंतरिक्ष में सच में छुपा है “धातु-खजाना”? - संजय सक्सेना

कल्पना कीजिए अगर अंतरिक्ष में सचमुच कोई ऐसा पिंड मौजूद हो, जो खजाने जैसा दिखे—तो क्या होगा? इसी रहस्य ने हाल के वर्षों में एक खास खगोलीय पिंड को चर्चा में ला दिया है— 16 Psyche और NASA का मिशन इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए आगे बढ़ चुका है। आइए जानते हैं, संजय सक्सेना, वरिष्ठ विश्लेषक एवं विचारक के इस लेख के माध्यम से।

विज्ञान / May 18, 2026
क्या चांद पर छिपा है “अदृश्य ऊर्जा ईंधन”? NASA की खोज ने बढ़ाई रहस्यमयी हलचल - संजय सक्सेना

कल्पना कीजिए अगर पृथ्वी पर ऊर्जा संसाधन कम पड़ जाएं और समाधान जमीन के नीचे नहीं बल्कि आसमान में टंगे चांद से मिलने लगे? यह विचार अब केवल कल्पना नहीं रहा, क्योंकि वैज्ञानिक दुनिया में एक बेहद रहस्यमयी तत्व लगातार चर्चा में है—हीलियम-3 (Helium-3)। इसी ने चांद को एक शांत खगोलीय पिंड से बदलकर भविष्य की सबसे बड़ी वैज्ञानिक पहेली बना दिया है।आइए जानते हैं, संजय सक्सेना, वरिष्ठ विश्लेषक एवं विचारक के इस लेख के माध्यम से।

विज्ञान / May 5, 2026
153 दिनों में मंगल यात्रा: क्या सच में संभव है यह ‘स्पेस शॉर्टकट’? जानिए विज्ञान की पूरी सच्चाई !

मंगल ग्रह तक पहुंचने की मानव की आकांक्षा दशकों पुरानी है, लेकिन हाल ही में सामने आए एक वैज्ञानिक अध्ययन ने इस दिशा में एक नई बहस छेड़ दी है। दावा यह है कि जिस यात्रा में आज लगभग तीन वर्ष लगते हैं, वह भविष्य में मात्र 153 दिनों में पूरी हो सकती है। यह विचार जितना रोमांचक है, उतना ही जटिल भी है। आइए, संजय सक्सेना, वरिष्ठ विश्लेषक एवं विचारक के इस लेख में हम उपलब्ध वैज्ञानिक शोध और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर इसकी वास्तविकता, सीमाएं और संभावनाएं समझेंगे।

विज्ञान / April 30, 2026
अंतरिक्ष के ‘बर्फीले गोदाम’ में छिपा जीवन का खजाना: NASA के SPHEREx मिशन से बड़ा खुलासा - संजय सक्सैना

हमारे ब्रह्मांड के बारे में जानने का मन हर इंसान का होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जहां हमें खाली अंतरिक्ष और अंधेरे के सिवा कुछ नहीं दिखाई देता, वहीं पर जीवन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियाँ छिपी हो सकती हैं? आइए जानते हैं, संजय सक्सेना, वरिष्ठ विश्लेषक एवं विचारक के इस लेख के माध्यम से। हाल ही में नासा ने एक ऐसी खोज की है, जो न केवल खगोलशास्त्र, बल्कि जीवन की उत्पत्ति के रहस्यों को भी उजागर करती है। नासा के SPHEREx मिशन ने जो खोज की है, वह हमारे ब्रह्मांड के एक नए पहलू को सामने लाती है: विशाल बर्फीले क्षेत्रों का जो जीवन के लिए जरूरी तत्वों का खजाना हो सकते हैं।

विज्ञान / March 10, 2026
ब्रेन–मशीन इंटरफेस: जब विचार बन जाते हैं तकनीक साइंस-फिक्शन से वास्तविकता तक की अद्भुत यात्रा

कभी विज्ञान कथाओं की किताबों और फिल्मों में दिखाई देने वाला एक विचार—सिर्फ अपने दिमाग की शक्ति से मशीनों को नियंत्रित करना—आज धीरे-धीरे वास्तविकता में बदल रहा है। कल्पना कीजिए कि आप बिना कीबोर्ड, माउस या आवाज़ के केवल अपने विचारों से कंप्यूटर चला सकें, रोबोटिक हाथ को हिला सकें, या किसी से सीधे अपने दिमाग के माध्यम से संवाद कर सकें। यह सुनने में भले ही किसी भविष्यवादी फिल्म का दृश्य लगे, लेकिन आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने इसे संभव बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं। इस क्रांतिकारी तकनीक को कहा जाता है ब्रेन–मशीन इंटरफेस (Brain–Machine Interface या Brain–Computer Interface — BCI)। आइए जानते हैं, संजय सक्सेना के इस लेख के माध्यम से।

विज्ञान / November 8, 2025
क्या हम सचमुच धरती के नहीं? - 20 अरब साल पुरानी चट्टान ने खोला जीवन का रहस्य ! - संजय सक्सैना

नासा और जापान की खोज ने बदल दी जीवन की कहानी — साबित हो सकता है कि हम सब धरती के नहीं, बल्कि तारों की संतान हैं! आइए जानते हैं, संजय सक्सेना, वरिष्ठ विश्लेषक और विचारक, के इस लेख के माध्यम से।

विज्ञान / October 30, 2025
अँधेरी रात को सूरज की रोशनी? – एक महत्वाकांक्षी योजना और उसकी चुनौतियाँ - संजय सक्सैना

संजय सक्सैना, वरिष्ठ विश्लेषक एवं विचारक, कहते हैं – कल्पना कीजिए, रात का अंधेरा छा जाए, लेकिन जमीन पर इतनी रोशनी हो कि आप इसे दिन जैसा महसूस करें। संजय सक्सैना के अनुसार, यह कोई विज्ञान कथा नहीं, बल्कि अमेरिकी स्टार्ट-अप कंपनी 'रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल' की असली योजना है। इस योजना से खगोलशास्त्री, पर्यावरण विशेषज्ञ और रात की शांति पसंद करने वाले लोग चिंतित हैं।आइए जानते हैं, संजय सक्सेना के इस लेख के माध्यम से।

विज्ञान / October 11, 2025
एएनआरएफ की बड़ी पहल: अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) कोष के संचालन के लिए एसपीएफ की स्थापना को मिली मंज़ूरी

अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ी पहल करते हुए राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) की कार्यकारी परिषद ने अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) कोष के संचालन से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के तहत RDI योजना के लिए विशेष प्रयोजन कोष (Special Purpose Fund - SPF) की स्थापना को स्वीकृति दी गई है।

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