UPI सर्विस डाउन होने से ग्राहकों को हुई दिक्कत:
बुधवार शाम करीब 7 बजे से UPI सर्विस में रुकावट शुरू हुई, जो लगभग ढाई घंटे तक जारी रही। इस दौरान गूगल पे, फोन पे, पेटीएम और भीम जैसे लोकप्रिय UPI ऐप्स के जरिए पेमेंट करने में यूजर्स को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई यूजर्स न तो पैसे ट्रांसफर कर पाए और न ही पेमेंट रिसीव कर सके।
डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, इस दौरान 23,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं। SBI के 50% ग्राहकों को UPI पेमेंट में परेशानी हुई, जबकि HDFC बैंक के 14% और ICICI बैंक के 19% ग्राहकों को फंड ट्रांसफर करने में दिक्कत आई। इसके अलावा, बैंक ऑफ इंडिया (BOI) के 36%, बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) के 16%, इंडियन बैंक के 69% और एक्सिस बैंक के 8% ग्राहकों ने भी UPI सर्विस में रुकावट की शिकायत की।
NPCI ने दी सफाई:
NPCI ने इस मामले पर बयान जारी करते हुए कहा, "UPI सर्विस में अस्थायी तकनीकी समस्या आई थी, जिसके कारण कुछ यूजर्स को परेशानी हुई। यह समस्या आंशिक थी और इसे रात 9:30 बजे तक पूरी तरह से ठीक कर लिया गया। अब सभी UPI सेवाएं सामान्य रूप से काम कर रही हैं।" NPCI ने यह भी बताया कि इस आउटेज का कारण टेक्निकल गड़बड़ी थी, जिसे तुरंत सुलझा लिया गया।
ग्राहकों में नाराजगी:
इस रुकावट के कारण ग्राहकों में काफी नाराजगी देखी गई। कई यूजर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी शिकायतें दर्ज कीं। एक यूजर ने लिखा, "SBI से पेमेंट करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बार-बार ट्रांजैक्शन फेल हो रहा था। यह बहुत परेशान करने वाला है।" वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा, "इंडियन बैंक की UPI सर्विस पूरी तरह से ठप थी, जिसके कारण मुझे कैश पेमेंट करना पड़ा।"
डिजिटल पेमेंट पर बढ़ता दबाव:
भारत में डिजिटल पेमेंट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। फरवरी 2025 में UPI लेनदेन की संख्या 16 अरब को पार कर गई थी, जिसका कुल मूल्य 21 लाख करोड़ रुपये से अधिक था। हालांकि, इस बढ़ते दबाव के कारण समय-समय पर तकनीकी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि NPCI और बैंकों को अपनी तकनीकी क्षमता को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।
बैंकों की प्रतिक्रिया:
प्रभावित बैंकों ने अपने ग्राहकों से इस असुविधा के लिए माफी मांगी है। SBI ने एक बयान में कहा, "हम अपने ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं। हमारी टीम ने इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए काम किया और अब सभी सेवाएं सामान्य हैं।" इसी तरह, HDFC और ICICI बैंक ने भी अपने ग्राहकों को आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों की राय:
डिजिटल पेमेंट विशेषज्ञों ने कहा कि UPI जैसी सेवाओं पर बढ़ते लोड को देखते हुए बैंकों और NPCI को अपने सिस्टम को और मजबूत करना होगा। एक विशेषज्ञ ने कहा, "UPI भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। ऐसे में इसकी विश्वसनीयता को बनाए रखना बहुत जरूरी है।"
निष्कर्ष
यह घटना एक बार फिर डिजिटल पेमेंट सिस्टम की मजबूती पर सवाल खड़े करती है। हालांकि, NPCI और बैंकों ने इस समस्या को जल्दी से ठीक करने का दावा किया है, लेकिन ग्राहकों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए पहले से बेहतर तैयारी की जरूरत है।