स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी डॉ. दिनेश शर्मा के माध्यम से यह सम्मान परिवारों तक पहुंचाया गया। इस क्रम में स्वर्गीय पुष्पा जुनेजा की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उनके पुत्र अजय जुनेजा एवं डॉ. सुमित जुनेजा के परिवार, बसंत विहार में आयोजित स्वर्गीय दूलीचंद की रस्म क्रिया में नरेंद्र कुमार के परिवार तथा भाली आनंदपुर गांव में स्वर्गीय जिले सिंह कुंडू की श्रद्धांजलि सभा में पतासो देवी, पूर्व विधायक बलराज कुंडू एवं उनके परिवार को विभाग की ओर से प्रशंसा पत्र और शोक संदेश प्रदान किया गया।
शोक संदेश के साथ नेत्रदान के लिए जताया आभार
स्वास्थ्य विभाग के डॉ. कमल वर्मा ने अपने शोक संदेश में सभी दिवंगत नेत्रदानियों के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिवारों का नेत्रदान जैसे पुनीत कार्य के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा परिजनों को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
संत-महात्माओं ने नेत्रदान को बताया समाज की आवश्यकता
श्रद्धांजलि सभाओं में उपस्थित संत-महात्माओं ने अपने संबोधन में कहा कि नेत्रदान आज समय की सबसे बड़ी सामाजिक आवश्यकता है। समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक परिवार को इस अभियान से जुड़ना चाहिए, ताकि कॉर्निया की अंधता से पीड़ित कोई भी व्यक्ति रोशनी से वंचित न रहे।
"नेत्रदान से परिवार की सेवा और समाज का कल्याण"
पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि सम्मानित सभी परिवार विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से जुड़े हुए हैं और उन्होंने अपने प्रियजनों की आंखों का दान कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि नेत्रदान की पूरी प्रक्रिया में परिवार के सदस्यों, समाजसेवी संस्थाओं और मेडिकल टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद लगभग 6 घंटे तक कॉर्निया सुरक्षित रूप से उपयोग में लाया जा सकता है। इसलिए परिजनों को तुरंत **112** पर सूचना देकर मेडिकल टीम से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगभग सभी धर्मों ने नेत्रदान को सर्वोत्तम दान माना है और कुछ विशेष चिकित्सीय परिस्थितियों को छोड़कर अधिकांश लोग नेत्रदान कर सकते हैं।
हर परिवार तक पहुंचे नेत्रदान का संदेश
डॉ. शर्मा ने लोगों से स्वयं नेत्रदान का संकल्प लेने तथा अपने परिवार और मित्रों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद पार्थिव शरीर की आंखों पर गीली रूई रखकर तुरंत मेडिकल टीम को सूचना देनी चाहिए, ताकि समय रहते कॉर्निया सुरक्षित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि रोहतक जिले का सौभाग्य है कि यहां नेत्र बैंक और कॉर्निया प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है, जिससे दान की गई आंखें शीघ्र ही जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपित की जा सकती हैं।
अनेक गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में डॉ. मारकंडेय आहूजा, पूर्व विधायक बलराज कुंडू, पंडित ओमप्रकाश शर्मा, राजेंद्र शर्मा, जगत सिंह गिल, देवेंद्र शर्मा, रोशन लाल शर्मा, डॉ. सुमित जुनेजा, नरेंद्र कुमार, इंजीनियर राजपाल, फार्मेसी ऑफिसर प्रमोद नांदल सहित अनेक समाजसेवी, चिकित्सक, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, मित्रगण एवं सैकड़ों नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी **डॉ. दिनेश शर्मा** ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी का आभार व्यक्त करते हुए नेत्रदान का संदेश प्रत्येक घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
एक सप्ताह में 10 परिवारों ने किया नेत्रदान
उल्लेखनीय है कि पिछले एक सप्ताह के दौरान रोहतक जिले के 10 परिवारों ने अपने परिजनों के नेत्रदान के लिए पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी डॉ. दिनेश शर्मा से संपर्क किया। उनके समन्वय से नेत्र रोग विभागाध्यक्ष एवं नेत्र बैंक प्रभारी डॉ. राजेंद्र चौहान तथा मेडिकल टीम ने सभी नेत्रदान की प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक संपन्न कराईं।