सूचना मिलते ही पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी दिनेश शर्मा ने आरआईओ प्रभारी डॉ. आर.एस. चौहान तथा एनाटॉमी विभाग के प्रभारी डॉ. विवेक मलिक एवं प्रोफेसर डॉ. विपिन गरसा से संपर्क किया। सभी की सहमति के बाद दिनेश शर्मा सुभाष नगर स्थित निवास पर पहुंचे और पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में पहुंचाया गया।
इसी दौरान डॉ. आर.एस. चौहान ने तुरंत टीम गठित कर नोबल हार्ट सिटी सेंटर अस्पताल भेजी, जहां से श्रीमती पुष्पा देवी जुनेजा की आंखें सुरक्षित प्राप्त कर क्षेत्रीय नेत्र बैंक में संरक्षित की गईं।
इसके बाद डॉ. विवेक मलिक एवं डॉ. विपिन गरसा के सहयोग से श्रीमती पुष्पा देवी जुनेजा का पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज को देहदान स्वरूप सौंपा गया।
पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि श्रीमती पुष्पा देवी जुनेजा की अंतिम इच्छा थी कि उनकी आंखें और शरीर चिकित्सा शिक्षा एवं मानव सेवा के लिए दान किए जाएं। उन्होंने बताया कि डॉ. सुमित जुनेजा एवं उनका परिवार पहले भी नेत्रदान एवं देहदान अभियान में सक्रिय सहयोग देता रहा है। आज परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा पूरी कर समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग एवं पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक का क्षेत्रीय नेत्र बैंक इस पुनीत कार्य के लिए परिवार का धन्यवाद करता है। विभाग की ओर से रसम क्रिया के अवसर पर विशेष संदेशवाहक के माध्यम से शोक प्रस्ताव एवं प्रशंसा-पत्र भी परिवार को भेंट किया जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया में पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी दिनेश शर्मा, नेत्रदान प्रेरक जगत सिंह गिल, राजेंद्र शर्मा, रोशन लाल शर्मा तथा नेत्रदान अभियान से जुड़ी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर स्वर्गीय श्रीमती पुष्पा देवी जुनेजा के पति मनोहर लाल जुनेजा, भाई डॉ. सतीश (पूर्व सिविल सर्जन, फिरोजपुर, पंजाब), दलजीत सेतिया, अजय जुनेजा, अंजू पसरिजा, अजय पसरिजा, डॉ. बी. चौधरी, अमित जुनेजा सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। परिवार ने बताया कि श्रीमती पुष्पा देवी जुनेजा की लंबे समय से इच्छा थी कि उनके निधन के बाद नेत्रदान एवं देहदान किया जाए, जिसे परिवार ने सहमति से पूरा किया।
पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी दिनेश शर्मा ने विभाग एवं नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आर.एस. चौहान तथा पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक की ओर से परिवार एवं सहयोगी संस्थाओं का इस प्रेरणादायक कार्य के लिए आभार व्यक्त किया।
शकुंतला देवी मक्कड़ के परिवार को किया गया सम्मानित
इसी क्रम में आज श्रीमती शकुंतला देवी मक्कड़ की रसम क्रिया के अवसर पर बांग्ला साहिब गुरुद्वारा में उनके परिवार को सम्मानित किया गया।
सिविल सर्जन, रोहतक डॉ. कमल वर्मा ने अपने विशेष संदेशवाहक एवं पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी दिनेश शर्मा के माध्यम से शोक संदेश एवं प्रशंसा-पत्र भेजा। अपने संदेश में उन्होंने शकुंतला देवी मक्कड़ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए परिवार द्वारा नेत्रदान एवं देहदान जैसे महान कार्य के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से धन्यवाद दिया। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की तथा परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल दें।
इस अवसर पर उनके पुत्र पंकज मक्कड़, उषा मक्कड़, सुजान खुराना, सत्य खुराना, गौरव मक्कड़, कमल किशोर चौधरी, नेत्रदान प्रेरक जगत सिंह गिल, सीनियर सिटीजन क्लब से राजेंद्र शर्मा, समाजसेवी रोशन लाल शर्मा तथा नेत्रदान अभियान से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के सदस्य उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में उनके मित्र, शुभचिंतक एवं परिजन भी मौजूद रहे।
पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी दिनेश शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार एवं नेत्रदान अभियान से जुड़ी सभी सामाजिक संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रेरणादायक कार्य समाज में मानव सेवा की भावना को और मजबूत करते हैं।