सूचना मिलते ही पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी दिनेश शर्मा ने आरआईओ इंचार्ज डॉ. आर. एस. चौहान से संपर्क कर नेत्रदान प्रक्रिया के लिए टीम भेजने का अनुरोध किया। डॉ. चौहान ने तुरंत टीम गठित कर हरिओम सेवा दल आश्रम, सेक्टर-4 में भेजी, जहां से दिवंगत अज्ञात व्यक्ति की आंखें प्राप्त कर क्षेत्रीय नेत्र बैंक में सुरक्षित जमा करवाई गईं।
पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि हरिओम सेवा दल, पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय से जुड़ी संस्था है और पहले भी नेत्रदान अभियान में सक्रिय सहयोग करती रही है। उन्होंने बताया कि संस्था ने एक सप्ताह के भीतर दो व्यक्तियों की आंखें दान कर समाज सेवा का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
क्षेत्रीय आई बैंक एवं स्वास्थ्य विभाग ने हरिओम सेवा दल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था ने अंतिम समय में भी मानवता की मिसाल पेश करते हुए नेत्रदान के माध्यम से दिवंगत व्यक्ति की सेवा को सार्थक बनाया है। विभाग की ओर से दिवंगत की रस्म क्रिया पर विशेष संदेशवाहक के माध्यम से शोक प्रस्ताव एवं प्रशंसा पत्र भेजकर सम्मानित किया जाएगा।
नेत्रदान प्रक्रिया में पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी दिनेश शर्मा, नेत्रदान प्रेरक जगत सिंह गिल, राजेंद्र शर्मा, विजय खुराना, संजय खुराना, अश्विनी पाहवा तथा नेत्रदान अभियान से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।
पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी दिनेश शर्मा ने विभाग एवं नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आर. एस. चौहान तथा पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक की ओर से हरिओम सेवा दल आश्रम के सभी सदस्यों एवं प्रतिनिधियों का नेत्रदान के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि हरिओम सेवा दल पहले भी नेत्रदान अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है और विभाग को उम्मीद है कि संस्था आगे भी नेत्रदान जैसे पुनीत कार्य को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी।