डॉ० नवलपाल प्रभाकर दिनकर की रचना "सात पेंडिंग केस": सामाजिक मुद्दों पर एक सशक्त टिप्पणी
हिंदी साहित्य में सामाजिक मुद्दों को अपनी रचनाओं के माध्यम से उजागर करने वाले साहित्यकार डॉ० नवलपाल प्रभाकर दिनकर की रचना "सात पेंडिंग केस" ने आज साहित्यिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस को जन्म दिया है। यह रचना एक काल्पनिक कोर्ट रूम ड्रामा के रूप में लिखी गई है, जिसमें सात अलग-अलग पेंडिंग cases के माध्यम से समाज की विभिन्न समस्याओं—like dowry, environmental degradation, female foreticide, alcoholism, stigma around AIDS, child marriage, और love jihad—को संबोधित किया गया है। इस रचना की 10वीं anniversary (मानते हुए कि यह 2015 में लिखी गई थी) के अवसर पर साहित्यिक संगठनों ने इसे फिर से चर्चा में लाया है।